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बलरामपुर वनाधिकार मान्यता पत्र के निरस्त प्रकरणों की सुनवाई के लिए शिविर आयोजित

Byadmin

Feb 18, 2021

बलरामपुर वनाधिकार मान्यता पत्र के निरस्त प्रकरणों की सुनवाई के लिए शिविर आयोजित
राज्य शासन के मंशानुरूप वनाधिकार पत्र के प्रकरणों के निराकरण में आई तेजी
संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज ने सुनवाई शिविर में पहुंचकर अधिकारियों तथा पुनर्विचार के लिए पहुंचे आवेदकों से की बात

राज्य शासन के मंशानुरूप परंपरागत वन निवासियों के लिए पूर्ण रूप से भूमि पर आजीविका की निर्भरता को देखते हुए उनको वनाधिकार पत्र प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में पात्र लोगों को वन अधिकार पत्र प्रदान करने के लिए प्रशासनिक अमला सक्रियता के साथ जुटा हुआ है। कलेक्टर श्याम धावड़े के निर्देशानुसार वनाधिकार के निरस्त प्रकरणों के पुनर्विचार हेतु सभी विकासखंडों में सुनवाई शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अनुभाग रामानुजगंज में 14382 प्रकरणों की सुनवाई हेतु आयोजित शिविर में संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज तथा कलेक्टर श्याम धावड़े शामिल हुए।

आयोजित शिविर में पुनर्विचार प्रकरणों की सुनवाई के लिए 16 काउंटर बनाए गए थे जहाँ आवेदकों को सुनवाई का अवसर दिया गया। संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज ने सुनवाई शिविर में पहुंचकर अधिकारियों तथा पुनर्विचार के लिए पहुंचे आवेदकों से बात की। उन्होंने वनाधिकार की मूल मंशा को पुनः दोहराते हुए कहा कि जो व्यक्ति इसके लिए पात्र होंगे उन्हें वनाधिकार प्रदान किया जाएगा। सुनवाई के माध्यम से ऐसे आवेदक जिनका आवेदन किन्ही कारणों से निरस्त किया गया था उनको न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत के अनुरूप सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया है

ताकि उनके अधिकार का हनन न हो। वनाधिकार के नियम स्पष्ट है इसमें कोई संशय नहीं है जो पात्र होंगे उन्हें अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा। कलेक्टर श्याम धावड़े ने कहा कि वर्षों से आजीविका के लिए वनांचलों में निवासरत लोगों को भूमि का हक मिलेगा। वनाधिकार पत्र आजीविका के लिए प्रदान किया जाता है ताकि उन्हें जीवनयापन करने में कठिनाई न हो। उन्होंने सुनवाई शिविर में उपस्थित रहकर अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया तथा आवदेकों की समस्याएं भी सुनी। वनाधिकार पत्र प्रदान करने से जुड़े नियमों की जानकारी आवेदकों को दी तथा पात्र होने पर पट्टा प्रदान करने का भरोसा भी दिलाया।

कलेक्टर ने कहा कि प्रकरणों की सुनवाई के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित भी किया गया था और पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व में वितरित किये गए वनाधिकार पत्र की ऋण पुस्तिका न मिलने पर अधिकारियों को तत्काल ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस शिविर पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू,अपर कलेक्टर विजय कुमार कुजूर, जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव, अनुविभागीय अधिकारी रामानुजगंज अभिषेक गुप्ता,राजपुर आर.एस. लाल, डिप्टी कलेक्टर प्रवेश पैकरा, बालेश्वर राम, डिप्टी कलेक्टर एवं रामानुजगंज तहसीलदार विवेक चंद्रा, सहायक आयुक्त आदिवासी आर.के. शर्मा सहित विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी व आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।